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गोल्ड क्यों

गोल्ड ईटीएफ में इन्वेस्टमेंट के लिए बिगिनर्स गाइड

गोल्ड ईटीएफ में इन्वेस्ट करने का एक प्रमुख कारण यह है कि गोल्ड को एक अच्छा पोर्टफोलियो डाइवर्सिफायर के रूप में पहचाना जाता है। दुनिया भर में इन्वेस्टर्स के लिए गोल्ड महंगाई, कमजोर मुद्रा और टेल रिस्क से बचने का प्रभावी तरीका है। खुदरा निवेशक और संस्थागत निवेशक को दीर्घकाल में अपने पोर्टफोलियो में गोल्ड होल्डिंग के कारण समान लाभ मिलता है। अलग-अलग लोग भिन्न-भिन्न कारणों से गोल्ड खरीदते हैं। ज्वेलरी, टेक्नोलॉजी, सेंट्रल बैंक और इन्वेस्टर्स डिमांड ये सब अलग अलग शक्तियों से संचालित होते हैं। रिसर्च बताते हैं कि यदि गोल्ड में रणनीतिक तरीके से उनके पोर्टफोलियो का 2% से 10% के बीच होल्डिंग हो तो इन्वेस्टर्स को फायदा होता है।

जबकि ज्वेलरी और दूसरी तरह के फिजिकल गोल्ड अधिकांश लोगों की लिस्ट में आमतौर पर टॉप पर होते हैं, ईटीएफ जैसी साधारण और प्रभावी चीज के प्रति भी काफी लोग सकारात्मक हैं। स्टोरेज खर्च नहीं होने, मेकिंग चार्जेस नहीं होने और बटन के एक क्लिक पर आसान ट्रेडिंग होने के कारण ईटीएफ गोल्ड इन्वेस्टमेंट का बेहद लुभावना और सरल तरीका बन गया है। आधुनिक इन्वेस्टर्स केवल फिजिकल गोल्ड में इन्वेस्ट करने की बजाय अलग-अलग ऑप्शन्स में इन्वेस्ट करना ज्यादा पसंद करते हैं और गोल्ड समर्थित ईटीएफ उन्हें ऐसा करने के अवसर देता है, क्योंकि ऐसा करने से वे गोल्ड को वास्तव में होल्ड करने की परेशानी से बच जाते हैं। इससे इन्वेस्टर को उनके इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो के परफॉर्मेंस को मैनेज करने में मदद मिलती है। इस प्रकार, गोल्ड ईटीएफ अप्रत्यक्ष निवेश विकल्प के रूप में इन्वेस्टर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

गोल्ड ईटीएफ में इन्वेस्ट कदम दर कदम गाइड यहां है

पहला कदम: अगर आपके पास पहले से डिमटिरियलाइज्ड (डीमैट) अकाउंट नहीं है तो एक डीमैट अकाउंट खोलें। डीमैट अकाउंट ओपन करने के लिए आपको पैन कार्ड, आइडेंटिटी प्रूफ और ऐड्रेस प्रूफ की जरूरत पड़ेगी।

दूसरा कदम: ब्रोकर या बैंक ढूंढिए जिसकी मदद से आप खरीददारी करेंगे।

तीसरा कदम: पहला और दूसरा कदम पूरा करने के बाद अब आपको केवल यह फैसला लेना है कि आप कौन सा गोल्ड ईटीएफ चुनना चाहते हैं। फिर कितनी संख्या में खरीददारी करनी है इसका फैसला कीजिए। भारत में फिलहाल 14 ईटीएफ उपलब्ध हैं।

चौथा कदम: इसके बाद आप अपने ब्रोकर के ट्रेडिंग पोर्टल की मदद से अपने ऑर्डर को प्लेस कीजिए।

पांचवां कदम: इसके बाद आप प्रतिदिन अपने इन्वेस्टमेंट के ऊपर नजर रख सकते हैं। दूसरे स्टॉक्स की ही तरह अब आप इलेक्ट्रॉनिक तरीके से खरीद और बिक्री कर सकते हैं। भारत में गोल्ड ईटीएफ को किसी कंपनी के सिंगल स्टॉक की ही तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के तहत लिस्ट किया और खरीदा-बेचा जाता है।

छठा कदम: जब आप अपने गोल्ड ईटीएफ होल्डिंग को बेचते हैं तो आपको बदले में रुपये या गोल्ड मिलते हैं। याद रखें कि गोल्ड को तभी भुनाया जा सकता है जब आपकी ईटीएफ होल्डिंग 1 किलो गोल्ड के बराबर या अधिक हो।

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